रायपुर। 19 अप्रैल को छत्तीसगढ़ में पहले चरण की वोटिंग होनी है ।बस्तर लोकसभा सीट में मतदान के लिए वायु सेना के हेलीकॉप्टर के जरिए मतदान कर्मियों को बीजापुर सुकमा नारायणपुर जैसे दूरस्थ इलाकों के मतदान केंद्रों, में भेजा गया बिना वायु सेना के हेलीकॉप्टर के इन दूरस्थ अंचलों के मतदान केंद्रों तक मतदान कर्मी नहीं पहुंच सकते। उनकी सुरक्षा के लिहाज से वायु सेना के इस हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जाता है। जानिए इस हेलीकॉप्टर के बारे में जो छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

MI-17 हेलिकॉप्टर हैं, जिन्हें दुनिया का सबसे एडवांस ट्रांसपोर्ट हेलिकॉप्टर कहा जाता है. रूस में बनने वाले इन हेलिकॉप्टरों की कई खूबियां है. मिलिट्री ऑपरेशन के अलावा इनका इस्तेमाल भारी वजन उठाने, वीवीआईपी लोगों को लाने-ले जाने और रेस्क्यू मिशन के लिए भी किया जाता है।

कहां होता है प्रोडक्शन?
MI-17 हेलिकॉप्टरों का उत्पादन रूस में होता है. दरअसल ये हेलिकॉप्टर MI-8MTV5 डोमेस्टिक डेजिगनेशन हेलिकॉप्टरों का ही मिलिट्री वर्ज़न है. रूसी कंपनी मिल मॉस्को हेलिकॉप्टर प्लांट, कजान हेलिकॉप्टर प्लांट और उलान-उडे एविएशन प्लांट में इन्हें बनाया जाता है. इनमें दो इंजन लगे होते हैं. MI-17 को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ये ज्यादा ऊंचाई हो या खराब मौसम, हर परिस्थिति में काम कर सकते हैं.

क्या हैं खासियत?
Mi-17 हेलिकॉप्टर की कई खासियत हैं. इनका इस्तेमाल भारी वजन उठाने, ट्रांसपोर्टेशन, रेस्क्यू मिशन, और VVIP लोगों को लाने-ले जाने में किया जाता है. एक बार इन फीचर्स को विस्तार से समझते हैं. हेवी लिफ्टिंग की बारे में बात करें, तो Mi-17 हेलिकॉप्टर 36 हजार किलो तक का वजन उठा सकते हैं. अब बात करते हैं इसकी यात्री क्षमता पर. सेना में Mi-17 क्रू मेंबर्स समेत 36 सैनिकों को ले जा सकता है. लेकिन जब इन हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल VVIP के लिए किया जाता है, तो इनमें थोड़ा बदलाव किया जाता है. जिसके बाद इनमें ज्यादा से ज्यादा 20 लोग ही सवार हो सकते हैं. साथ ही मॉडिफाई किए गए हेलिकॉप्टर में टायलेट भी होता है.
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