बस्तर अब नक्सल मुक्त, सरकार ने की घोषणा, 40 साल बाद आजादी

बस्तर: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले को नक्सल प्रभावित जिलों की लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। इस जिले को कभी लाल आतंक के गढ़ के रूप में जाना जाता था लेकिन अब डबल इंजन की सरकार ने इस जिले को नक्सल मुक्त कर नक्सलवाद का खात्मा किया है। मोदी सरकार को इस कार्य के लिए खूब सराहना हो रही है। बताया जा रहा है कि यह एक ऐतिहासिक कदम है। बस्तर से अब नक्सलवादियों का नाम-ओ-निशान मिट गया है। केंद्रीय गृहमंत्री की तरफ से बस्तर को LWE की लिस्ट से बाहर कर लेगसी डिस्ट्रिक्ट की लिस्ट में शामिल करने का फैसला लिया है। बस्तर के जिला अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है।

2026 तक छत्तीसगढ़ नक्सलवाद मुक्त हो जाएगा

बता दें कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म करने का निर्णय किया है। बस्तर को नक्सलवाद से बाहर करने पर जिला अधिकारी ने कहा कि गृह मंत्रालय के इस फैसले से बस्तर को मिलने वाली आर्थिक मदद भी अब बंद हो गई है। नक्सलवाद प्रभावित जिलों को गृह मंत्रालय लेफ्ट विंग एक्सट्रमिज्म की श्रेणी में रखता है।

बस्तर को अब मिलेगी नई पहचान

बस्तर जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जो अपनी सांस्कृतिक विविधता, घने जंगलों, खनिज संपदा और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है। वहीं, बस्तर में रहने वाले लोगों के लिए डबल इंजन सरकार की तरफ से अच्छी खबर मिली है। बस्तर में अब नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म हो चुका है। अब धीरे-धीरे इस जिले में विकास होने लगा है। एलडब्ल्यूई श्रेणी में होने के कारण बस्तर को सरकार से करोड़ों रुपए का फंड मिलता था, जिससे जिले के विकास और नक्सलवाद को रोकने में मदद मिलती थी। हालांकि अब इस जिले को एलडब्ल्यूई श्रेणी से हटा दिया गया है।

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