नए युग की शुरुआत, नौसेना में पहली महिला फाइटर पायलट, दुश्मनों के छक्के छुड़ाने को तैयार आस्था पूनिया

दिल्ली: शुक्रवार को भारतीय नौसेना के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है. सब-लेफ्टिनेंट आस्था पूनिया देश की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं. उन्हें नौसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल किया गया है. यह कदम नौसेना विमानन में महिला भागीदारी का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.सब-लेफ्टिनेंट पूनिया अब मिग-29K जैसे रूसी मूल के उन्नत लड़ाकू विमान उड़ाएंगी. फिलहाल यह विमान भारतीय नौसेना की अग्रिम पंक्ति का प्रमुख लड़ाकू विमान है. गौरतलब है कि नौसेना फ्रांसीसी मूल के राफेल मरीन लड़ाकू विमानों की खरीद की प्रक्रिया में भी अग्रसर है. इन विमानों को स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर तैनात किया जाएगा.

आस्था पूनिया यूपी के बागपत जिले की रहने वाली है. आस्था की उपलब्धि से उनके पैतृक गांव बागपत के हिसावदा में खुशी का माहौल है. आस्था के पिता अरूण पूनिया मेरठ के सरधना स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में गणित के शिक्षक है. मीडिया से बात करते हुए अरूण पूनिया ने बताया कि आस्था का बचपन से पायलट बनने का सपना था, जिसे उसने सच कर दिया.

इन राफेल मरीन विमानों की डिलीवरी वर्ष 2028 से शुरू होकर 2030 तक पूरी होने की उम्मीद है. इसी वर्ष अप्रैल में नौसेना ने फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी ‘दसॉ एविएशन’ के साथ 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे.

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन विवेक मधवाल के अनुसार, “सब-लेफ्टिनेंट आस्था पूनिया ने आईएनएस देगा, विशाखापत्तनम में आयोजित द्वितीय बेसिक हॉक कन्वर्ज़न कोर्स के तहत प्रशिक्षण पूरा किया.” उन्हें रियर एडमिरल जनक बेवली (ACNS – Air) द्वारा प्रतिष्ठित ‘Wings of Gold’ प्रदान किए गए. इसी अवसर पर लेफ्टिनेंट अतुल कुमार ढुल को भी यह सम्मान प्राप्त हुआ.

वैसे, भारतीय नौसेना पहले ही मल्टी-रोल (MR) एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर प्लेटफॉर्म्स पर महिला अधिकारियों को पायलट और नौसैनिक एयर ऑपरेशंस अधिकारियों के रूप में नियुक्त कर चुकी है. नौसेना के अनुसार,
“फाइटर स्ट्रीम में सब-लेफ्टिनेंट पूनिया की नियुक्ति नौसेना विमानन में लैंगिक समानता और ‘नारी शक्ति’ को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है.”

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है. 2023 में लोकसभा में प्रस्तुत आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल सशस्त्र बलों में 11,000 से अधिक महिलाएं सेवा दे रही हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या भारतीय सेना की है.

भारतीय वायुसेना ने वर्ष 2016 में पहली बार महिला अधिकारियों — अवनी चतुर्वेदी, भावना कांत और मोहना सिंह — को फाइटर स्ट्रीम में शामिल कर इतिहास रचा था. वहीं, भारतीय नौसेना ने वर्ष 2022 में पनडुब्बियों सहित सभी शाखाओं को महिलाओं के लिए खोल दिया था, और अब कई महिला अधिकारी युद्धपोतों और विमानन इकाइयों में सेवा दे रही हैं.

भारतीय सेना ने भी कुछ वर्ष पूर्व मिलिट्री पुलिस की कॉर्प्स में सैनिक स्तर पर महिलाओं की भर्ती शुरू की थी. वर्तमान में लगभग 1,700 महिला अधिकारी सेना की विभिन्न शाखाओं और सेवाओं में कार्यरत हैं. पैदल सेना, बख़्तरबंद और मशीनीकृत पैदल सेना को छोड़कर लगभग सभी शाखाएँ अब महिलाओं के लिए खुली हैं.

भारतीय वायुसेना में इस समय 20 महिला फाइटर पायलट सक्रिय सेवा में हैं. हालांकि आबादी की तुलना में फोर्सेज में महिलाओं की संख्या अभी भी बेहद कम है, लेकिन अब उम्मीद की जा सकती है कि धीरे-धीरे तीनों सेनाओं में महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ेगी.

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