छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने (ED) शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने पूर्व मंत्री कवासी लखमा की संपत्ति सहित कांग्रेस भवन को सीज किया है. ईडी ने कवासी लखमा, उनके बेटे हरीश लखमा की 5.50 करोड़ की संपत्ति को सीज किया है. इसके अलावा सुकमा में स्थित कांग्रेस कार्यालय की 65 लाख की संपत्ति को अटैच किया है.

शराब घोटाले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा अभी जेल में हैं. ईडी ने कुल 6 करोड़ 15 लाख 75000 की संपत्ति अटैच किया गया है.
2161 करोड़ के घोटाले का आरोप
लखमा पर 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले का आरोप है. छत्तीसगढ़ शराब घोटाला साल 2019 से 2022 के बीच हुआ था. इस समय कांग्रेस की भूपेश बघेल की सरकार सत्ता में थी. उस समय कवासी लखमा राज्य के आबकारी मंत्री थे.
इसी वर्ष जनवरी में हुई थी गिरफ्तारी
लखमा को इसी वर्ष 15 जनवरी को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था. इससे पहले 28 दिसंबर 2024 को ईडी ने लखमा और उनके करीबियों के घरों पर छापेमारी की थी. 3 जनवरी और 9 जनवरी को भी कांग्रेस नेता लखमा से पूछताछ की गई थी. इसके बाद 15 जनवरी को पूछताछ के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. लखमा तभी से जेल में है.
इन लोगों को बनाया आरोपी
ईडी ने शराब घोटाले में 21 लोगों को आरोपी बनाया है. इसमें कवासी लखमा, अनवर ढेबर, अनिल टूटेजा, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, छत्तीसगढ़ डिस्टलर, वेलकम डिस्टलर, टॉप सिक्योरिटी, ओम सांई ब्रेवरेज, दिशिता वेंचर, नेस्ट जेन पावर, भाटिया वाइन मर्चेंट और सिद्धार्थ सिंघानिया सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं.
आरोपों के मुताबिक, कवासी लखमा को 36 महीनों में अवैध सिंडिकेट के माध्यम से 72 करोड़ रुपये मिले थे. यह मामला छत्तीसगढ़ में शराब कारोबार से जुड़ा हुआ है और ईडी इसकी जांच कर रही है.