दंतेवाड़ा में नक्सलियों का आतंक, 8 परिवारों को निकाला गांव से बाहर

दंतेवाड़ा बारसूर थाना क्षेत्र में नक्सलियों की दहशत अब भी बरकरार है. हालात ये है कि नक्सलियों की धमकी के बाद दो गांव के आठ परिवारों का हुक्का पानी बंद करके गांव निकाला कर दिया गया है. नक्सलियों ने इन परिवारों को जान से मारने की धमकी देने के बाद गांव छोड़ने का फरमान सुनाया था. जिसके बाद गांव के अन्य परिवारों में दहशत बरकरार है.

क्यों नक्सलियों ने सुनाया फरमान

नक्सलियों की दहशत का असरतुसवाल पंचायत के दो गांवों के आठ परिवारों भुगतना पड़ रहा है. नक्सलियों के फरमान के बाद दो गांव के आठ परिवारों ने गांव छोड़ दिया है. ये फरमान नक्सलियों ने इसलिए सुनाया है कि नक्सलियों को अंदेशा है कि पुलिस मुखबिर करने की वजह से थुलथुली मुठभेड़ कई नक्सली मारे गए.जिसके बाद तीन दिन पहले नक्सलियों ने गांव में जनअदालत लगाकर आठ परिवारों को जान से मारने की धमकी देकर गांव छोड़ने का फरमान सुनाया. पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि जिस प्रकार लगातार नक्सलियों के बड़े लीडर मारे जा रहे हैं और बहुत से बड़े लीडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं. जिसकी वजह से नक्सली बौखलाए हुए हैं और भोले भाले ग्रामीणों को परेशान कर रहे हैं.

पुलिस ने बताया कि गांवों का विकास हो रहा है. गांव में रोड पानी बिजली स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा जिला और पुलिस प्रशासन करवा रहा है. जिसके कारण नक्सलियों का अस्तित्व खतरे में है. इसी वजह से नक्सलियों ने आठ परिवारों को गांव से बेदखल करने का फरमान सुनाया है.पुलिस प्रशासन इन परिवारों को पूरी सुरक्षा दे रहा है. ये परिवार 10 साल पहले कोडेनार के गीदम में रहा करते थे. सभी परिवारों को पुलिस प्रशासन जिला प्रशासन हर सुविधा मुहैया करवाएगा.

फरमान के बाद तुसवाल पंचायत के तोड़मा और कोहकावाड़ा गांव के आठ परिवारों ने गांव छोड़ दिया है. ये गांव दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के सरहदी इलाके में बसे हुए हैं.गांव छोड़ने के बाद ग्रामीणों ने किलेपाल गांव में शरण ली है. ये फरमान नक्सलियों के पूर्वी बस्तर डिविजन कमेटी ने सुनाया है. पूरा मामला बारसूर थाना क्षेत्र का है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *