महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में नगरपालिका स्कूल के 14 वर्षीय छात्र की एक ‘थीम पार्क’ में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई, जहां वह अन्य विद्यार्थियों के साथ घूमने गया था. पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना मंगलवार को उस समय हुई जब घनसोली के निगम स्कूल के छात्र घूमने के लिए खोपोली स्थित ‘इमेजिका थीम पार्क’ गए थे.
खेलते-खेलते बेचैन हुआ
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान आठवीं कक्षा के छात्र आयुष धर्मेंद्र सिंह (Ayush Dharmendra Singh Dies Heart Attack) को बेचैनी महसूस होने लगी और वह बेंच पर बैठ गया और फिर अचानक बेहोश हो गया. अधिकारी ने बताया कि छात्र को पार्क के कर्मचारियों और शिक्षकों की मदद से परिसर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. इसके बाद सिंह को एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. उन्होंने बताया कि सरकारी चिकित्सा अधिकारी की मौजूदगी में पोस्टमार्टम किया गया, जिसमें पता चला कि छात्र की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई.
इससे पहले एक छात्र के साथ हुई थी अनहोनी
देश के कुछ और शहरों में भी इससे पहले 13 से 14 साल के बच्चों की हार्ट अटैक से मौत के मामले सामने आने से हड़कंप मचा हुआ है. कुछ दिन पहले एक स्कूली बच्चे के साथ क्लास में ऐसा वाकया सामने आया था. इससे पहले तेलंगाना के कामारेड्डी में 20 फरवरी सुबह स्कूल जा रही 10वीं क्लास की एक छात्रा की स्कूल के ठीक बाहर दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. उसके पहले अलीगढ़ (Aligarh) के सिरौली (Sirauli) गांव के क्लास 6 के स्टूडेंट मोहित चौधरी (Mohit Chaudhary) की दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई थी. 14 साल का छात्र एनुअल स्पोर्ट्स डे कॉम्पिटीशन की तैयारी कर रहा था और प्रैक्टिस रन के दौरान गिर पड़ा था. जबकि उसी जिले की एक दूसरी बच्ची, 8 साल की दीक्षा (Diksha), कुछ दिन पहले अपने दोस्तों के साथ खेलते वक्त दिल का दौरा पड़ने से मौत का शिकार हुई थी.
बच्चों में दिल की बीमारी के लक्षण
आजकल टीनएजर्स को भी हार्ट अटैक का खतरा होता है. आमतौर पर ऐसी परेशानी अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खराब फूड हैबिट्स से हो सकती है. इन बीमारियों के लक्षण अक्सर धीरे-धीरे सामने आते हैं, जिन्हें वक्त पर पहचानना ज़रूरी है. जब बच्चों के शरीर में कुछ अजीबोगरीब इशारे नजर आने लगें, तो फौरन किसी योग्य डॉक्टर को दिखाकर उनकी सलाह पर बच्चे का फुल बॉडी चेकअप कराएं. जरूरी टेस्ट कराने के बाद रिपोर्ट्स को डॉक्टर से कंसल्ट करें और अपने बच्चों के खान-पान पर खास ध्यान रखें. बच्चों पर ध्यान दें. मेडिटेशन कराएं.
1. जल्दी थकान महसूस होना: बच्चा खेल-कूद या नॉर्मल फिजिकल एक्टिविटीज के दौरान जल्दी थक जाता है.
2. सांस फूलना: हल्की शारीरिक गतिविधि के बाद भी बच्चे की सांस फूलने लगती है.
3. होंठ, नाखून या त्वचा का नीला पड़ना (Cyanosis): शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण त्वचा का रंग नीला पड़ सकता है.
4. छाती में दर्द या भारीपन: कुछ बच्चों को फिजिकल एक्टिविटीज के दौरान सीने में दर्द या दबाव महसूस होता है.
5. असामान्य हार्ट बीट (Arrhythmia): दिल की धड़कन बहुत तेज, बहुत धीमी या अनियमित हो सकती है.
6. बेहोशी या चक्कर आना: अचानक बेहोश हो जाना या सिर चकराना दिल की समस्या का संकेत हो सकता है.